
तो मैं तुम्हारा ... अगर ये कह दो बग़ैर मेरे नहीं गुज़ारा तो मैं तुम्हारा या उस पे मब्नी कोई तअस्सुर कोई इशारा तो मैं तुम्हा…

ठीक है ख़ुद को हम बदलते हैं ठीक है ख़ुद को हम बदलते हैं शुक्रिया मश्वरत का चलते हैं हो रहा हूँ मैं किस तरह बरबाद देखने वा…

उजाला कू-ब-कू है और क्या है मेरे हमराह तू है और क्या है तिरे एहसास की दस्तक हमेशा ख़यालों पर रफ़ू है और क्या है ये ख़ामो…
A Poetry Lover, Content Editor in Qafas Poetry and Indian Erudite
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