वो पुराने दिन वो सुहाने दिन आशिक़ाने दिन ओस की नमी में भीगे वो पुराने दिन दिन गुज़र गए हम किधर गए पीछे मुड़ के देखा पाया सब ठह…
A Poetry Lover, Content Editor in Qafas Poetry and Indian Erudite
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